कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय मोदीनगर गाजियाबाद में तैनात अधिकारी की मिली भगत से खुले आम सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और सरकारी एंबुलेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है

 
मोदीनगर क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय की सरकारी एंबुलेंस को आज कुछ समय पहले गाजियाबाद कलेक्ट्रेट कोषागार की तरफ देखा गया था सूत्रों से पता चल कि चिकित्सालय में तैनात कर्मचारी जिसका नाम कनौजिया/आशीष है वह कलेक्ट्रेट में अपने पर्सनल काम के लिए सरकारी एंबुलेंस को लेकर गए है उसके बाद मोदीनगर कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय में तैनात चिकित्सा अधीक्षक से पत्रकार की टीम ने दूरभाग के द्वारा संपर्क किया तो चिकित्सा अधीक्षक ने फोन रिसीव नहीं किया तत्काल इसकी सूचना निदेशालय को दी गई इस प्रकरण में निदेशालय द्वारा करवाई का आश्वासन दया और यह भी बताया गया कि ऐसा कोई शासन आदेश या ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है जो सरकारी एंबुलेंस को कर्मचारी एवं अधिकारी अपने पर्सनल काम के लिए सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है तो  देखा जाए तो सरकारी एम्बुलेंस का निजी काम के लिए इस्तेमाल करना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है. यह सेवा केवल आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए होती है. ऐसा करने पर मरीजों के साथ धोखाधड़ी, एम्बुलेंस के दुरुपयोग और कर्मचारियों की मिलीभगत जैसे मामले सामने आते हैं, जिसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है

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