मुरादनगर। क्षेत्र में एक बार फिर कथित झोलाछाप डॉक्टर इस्लाम अहमद का मामला चर्चा में आ गया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी बताया जाता है कि तत्कालीन डिप्टी सीएमओ की कार्रवाई के दौरान इस्लाम अहमद ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एक लिखित शपथ पत्र प्रस्तुत किया था बताया जा रहा है कि शपथ पत्र में उन्होंने यह स्वीकार किया था कि उनके द्वारा मेडिकल अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन किया गया है तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना हुई है। शपथ पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि वह भविष्य में मुरादनगर क्षेत्र में कोई क्लीनिक संचालित नहीं करेंगे। साथ ही यह भी लिखा गया था कि यदि भविष्य में वह क्लीनिक चलाते हुए पाए जाते हैं तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई उन्हें मान्य होगी। सूत्रों के अनुसार इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने पुत्र की बहु के नाम पर आयुर्वेदिक विभाग को धोखा देकर पंजीकरण प्राप्त कर चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं आरोप है कि मौके पर मरीजों को भर्ती किया जाता है तथा एलोपैथिक दवाओं का प्रयोग भी किया जाता है हाल ही में एक मामला भी प्रकाश में आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक मरीज को एलोपैथिक दवा देने के बाद उसकी तबीयत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है स्वास्थ्य विभाग और संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके
2017 में हुई कार्रवाई के बावजूद फिर चर्चा में झोलाछाप डॉक्टर, शिकायत के बाद जांच की मांग
byसंवाददाता मोहम्मद अजहर
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