आरटीआई के तहत गलत सूचना देने का आरोप, चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनिल कुश पर उठे सवाल


मोदीनगर कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय (ईएसआईसी) मोदीनगर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुश पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत कथित रूप से गलत एवं भ्रामक सूचना उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए हैं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी के जवाब में तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएं प्रदान की गईं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। आरोप है कि आरटीआई अधिनियम का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, लेकिन यदि अधिकारियों द्वारा गलत अथवा अपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाती है तो यह अधिनियम की भावना के विपरीत माना जा सकता है शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई सूचनाओं और वास्तविक अभिलेखों में अंतर पाया गया है। मामले को लेकर संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की गई है शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम नागरिकों का आरटीआई व्यवस्था पर विश्वास बना रहे हालांकि, इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुश का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं आरटीआई कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सत्य तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

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