बिना मान्यता पंचायती धर्मशाला में संचालित स्कूल पर सख्ती, बीईओ ने एक लाख रुपये जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की

गाजियाबाद मुरादनगर स्थित पंचायती धर्मशाला में संचालित लीलावती रामगोपाल सरस्वती विद्या मंदिर के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। खंड शिक्षा अधिकारी, मुरादनगर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद को पत्र भेजकर विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति की है खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि इससे पूर्व विद्यालय प्रबंधन को अमान्य कक्षाओं का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने 15 मई 2026 को विभाग को लिखित रूप से सूचित किया था कि प्ले स्कूल के साथ संचालित कक्षा 1 से 3 तक की कक्षाएं बंद कर दी गई हैं हालांकि, 4 जुलाई 2026 को किए गए औचक स्थलीय निरीक्षण में विभागीय अधिकारियों ने पाया कि विद्यालय में प्ले स्कूल के साथ कक्षा 2 और 3 का संचालन जारी है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने माना कि विद्यालय प्रबंधन ने बार-बार गलत जानकारी देकर विभाग को गुमराह किया है इसी आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के तहत ₹1,00,000 का अर्थदंड तथा विद्यालय के संचालन तक प्रतिदिन ₹10,000 के अतिरिक्त जुर्माने की कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी, मोदीनगर तथा थानाध्यक्ष, मुरादनगर को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके यदि विभाग द्वारा संस्तुत कार्रवाई अमल में लाई जाती है, तो यह क्षेत्र में बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से ऐसे अन्य संस्थानों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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