संवाददाता यूसुफ खान
गाजियाबाद। जिले में इन दिनों मोदीनगर से गाजियाबाद मार्ग पर संचालित कथित ‘टाइगर ब्रांड’ ऑटो चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन ऑटो पर लगे टाइगर के लोगो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि इस ब्रांड से जुड़े कुछ ऑटो चालक और मालिक यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कई ऑटो निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। आरोप है कि ओवरलोडिंग, मनमाना संचालन और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आने के बावजूद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर यह ‘टाइगर ब्रांड’ किसका है और इसके पीछे कौन प्रभावशाली व्यक्ति या समूह है, जिसके कारण संबंधित ऑटो चालकों के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते नजर आते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर जब त्रिगुण बिसेन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और यदि कोई भी वाहन संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए। अब लोगों की नजर प्रशासन और ट्रैफिक विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नियमों की अनदेखी करने वालों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
