संवाददाता यूसुफ राजपूत
मुरादनगर। कस्बे की ऐतिहासिक सराय पर कथित अवैध कब्जों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मुरादनगर निवासी महंत डॉ. विजयपाल हितकारी ने मुख्यमंत्री सहित शासन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि मुरादनगर स्थित यह ऐतिहासिक सराय शेरशाह सूरी के शासनकाल में निर्मित हुई थी और क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुरातत्व महत्व की इस संपत्ति पर वर्षों से अवैध कब्जे होते रहे हैं, जिसके चलते सराय परिसर और उसके आसपास बड़े-बड़े मकानों का निर्माण कर लिया गया है। इसके अलावा कई स्थानों पर मोबाइल टॉवर स्थापित किए जाने की भी बात कही गई है, जिससे ऐतिहासिक धरोहर का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। महंत डॉ. विजयपाल हितकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद मुरादनगर द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता के कारण अवैध कब्जाधारकों के हौसले बुलंद हैं और ऐतिहासिक धरोहर लगातार क्षति झेल रही है। शिकायत में शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, सराय परिसर से अवैध कब्जे हटवाने, अवैध निर्माणों और मोबाइल टावरों की वैधता की जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब लोगों की नजर शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि मुरादनगर की इस ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
