मोदीनगर ESI में महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता का मामला, जांच में दोषी कर्मचारी—कार्रवाई बनी चर्चा का विषय

मोदीनगर। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) चिकित्सालय मोदीनगर में कार्यरत एक ईसीजी टेक्निशियन पर महिला चिकित्सक के साथ अभद्र व्यवहार और बिना अनुमति वीडियो बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण में लगभग एक वर्ष बाद आई जांच रिपोर्ट में आरोपी को दोषी तो पाया गया, लेकिन कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात डा० सविता वर्मा ने जून 2025 में ईसीजी टेक्निशियन विद्यासागर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उनके साथ कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार किया और बिना अनुमति उनका वीडियो बनाया। मामले की जांच में काफी देरी हुई और लगभग एक वर्ष बाद जांच समिति तथा ईएसआई निदेशालय, कानपुर द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में टेक्निशियन का आचरण “अनुचित, असम्मानजनक एवं संस्था की गरिमा के विरुद्ध” पाया गया। हालांकि, दोष सिद्ध होने के बावजूद विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभाग ने आरोपी को केवल आंशिक दोषी मानते हुए उसकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कर दी और चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को समाप्त कर दिया। यह निर्णय उस समय लिया गया जब संबंधित कर्मचारी सेवानिवृत्ति के निकट है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना अनुमति किसी महिला का वीडियो बनाना भारतीय दंड संहिता की धारा 354-सी (अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 77) तथा आईटी एक्ट की धारा 66ई के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। ऐसे में केवल औपचारिक कार्रवाई करना न्यायिक और नैतिक दोनों दृष्टियों से सवाल खड़े करता है। यह पूरा प्रकरण न केवल एक चि


कित्सक की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि आखिर विभाग दोषी कर्मचारी के प्रति नरमी क्यों बरत रहा है अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस खबर के प्रकाशन के बाद ईएसआई विभाग इस मामले में कोई ठोस और कठोर कदम उठाता है या नहीं।

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