पीवीवीएनएल में आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

संवाददाता यूसुफ राजपूत
मुरादनगर, 17 जून। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती एवं स्थानांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। मुरादनगर निवासी महंत डॉ. विजयपाल हितकारी ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री तथा निगम एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निगम के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि पीवीवीएनएल द्वारा 1 सितंबर 2025 को जारी पत्र संख्या 4715 के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती एवं स्थानांतरण के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। आदेश के अनुसार किसी भी कर्मचारी को उसके निवास क्षेत्र के 33/11 केवी फीडर अथवा सबस्टेशन पर तैनात नहीं किया जाना है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष तथा शहरी क्षेत्रों में तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाना है। महंत डॉ. विजयपाल हितकारी का आरोप है कि जनपद गाजियाबाद एवं मुरादनगर क्षेत्र में इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही फीडर एवं सबस्टेशन पर कार्यरत हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों की तैनाती उनके निवास क्षेत्र में ही बनी हुई है। इससे विभागीय पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। शिकायत में कुछ कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि स्थानांतरण संबंधी आदेशों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने आदेश संख्या 4715 का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने, वर्तमान तैनाती की जांच कराने तथा निर्धारित अवधि से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है। अब निगाहें शासन और निगम प्रशासन पर टिकी हैं कि शिकायत के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है और विभागीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने