मुरादनगर। नगर पालिका परिषद मुरादनगर के वार्ड संख्या-4 में धार्मिक स्थल जाने वाले मुख्य मार्ग पर लंबे समय से गीले और सूखे कूड़े का ढेर लगा होने से स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और वार्ड सभासद द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका के कर्मचारी खुलेआम गीला और सूखा कूड़ा एक ही स्थान पर डाल रहे हैं, जिससे स्वच्छ भारत मिशन और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गंदगी के कारण राहगीरों और धार्मिक स्थल पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इस मामले की सूचना मिलने पर पत्रकार जब मौके पर कवरेज करने पहुंचे, तो आरोप है कि नगर पालिका के जमादार/सुपरवाइजर जितेंद्र ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुपरवाइजर ने कहा, "जो तुमसे होता हो वह कर लो, हमारे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता। हम तो एसआई को कमीशन देते हैं, इसलिए हमारे ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती इन आरोपों के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। यदि जांच में ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी कर्मचारियों के आचरण, प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करता है मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुरादनगर को उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत विस्तृत शिकायत भेजी गई है। शिकायत में मुख्य मार्ग से तत्काल कूड़ा हटाने, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने, पत्रकारों से कथित अभद्रता की जांच कराने तथा कथित "कमीशन" संबंधी बयान की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका परिषद इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और क्या स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है
नगर पालिका अधिनियम के तहत शिकायत, पत्रकार से अभद्रता और भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप
byसंवाददाता मोहम्मद अजहर
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